दुर्ग। जिले के अहिवारा व कुम्हारी में बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे चार नर्सिंग होम पर कार्रवाई की गई है। जांच में मामला खुलने के बाद कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने इन सभी नर्सिंग होम पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि नोटिस जारी हाने के 5 दिन के भीतर सुपरवाईजरी अथॉरिटी सीजी नर्सिंग होम एक्ट डिस्ट्रिक्ट दुर्ग नाम पर बैंक ड्रॉफ्ट बनवाकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग में जमा करने का निर्देश जारी किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार गंगोत्री हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर धमधा, सीतादेवी क्लीनिक श्याम प्लाजा ग्राउंड फ्लोर अहिवारा रोड कुम्हारी, नंदिनी नर्सिंग होम वार्ड नं. 7 अहिवारा एवं लैब केयर डायग्नोस्टिक, वार्ड नं. 6 अहिवारा का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। नर्सिंग होम एक्ट लायसेंस के बिना संस्था का संचालन करते पाये जाने पर धारा 12 (क) (1) के तहत 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यही नहीं जब तक लाइसेंस नहीं मिल जाता तब तक उक्त चारों संस्थानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
वी वाय हॉस्पिटल पर भी लगा जुर्माना
कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने सूचना के अधिकार के तहत मरीज के उपचार संबंधी असंतोषप्रद जानकारी उपलब्ध कराने पर व्ही. वाय. हॉस्पिटल के संचालक को 20 हजार रूपए के जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि नोटिस जारी हाने के 5 दिन के भीतर ’’सुपरवाईजरी अथॉरिटी सी.जी. नर्सिंग होम एक्ट डिस्ट्रिक्ट दुर्ग नाम पर बैंक ड्रॉफ्ट बनवाकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग में जमा करने निर्देशित किया गया है। वी वाय हॉस्पिटल पद्मनाभपुर द्वारा मरीज के चिकित्सकीय उपचार संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य उपर्चायगृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 व 2013 के अनुसूची 7, नियम 14 (2)(3) अंतर्गत प्रत्येक नर्सिंग होम, क्लीनिक एवं अस्पताल में मरीज के आने, उसका उपचार आरंभ होने की तारीख से 5 वर्ष की अवधि के लिए मेडिकल रिकार्डों का अनुरक्षण करना व सुरक्षित रखने का प्रावधान है। वी वाय हॉस्पिटल द्वारा मरीज के उपचार संबंधी असंतोषप्रद जानकारी उपलब्ध कराया जाना नर्सिंग होम एक्ट 2010 व 2013 का उल्लंघन है।




