भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के टाउनशिप में मंगलवार की सुबह सेक्टर-4 मार्केट के पास स्थित दो पानी की टंकियां भरभरा कर गिर गई। दोनों टंकियों की क्षमता 18-18 लाख लीटर पानी की थी। टंकियों के ढहने से लाखों लीटर पानी सड़क पर बह गया। गनीमत यह रही कि टंकियों के ढहने से किसी कोई हताहत नहीं हुआ। इस दोनों टंकियों से सेक्टर 4 और सेक्टर 3 में लगभग 3000 लोगों को वाटर सप्लाई की जाती थी। ढहने के बाद पलभर में टंकी मलबे में तब्दील हो गया। घटना की सूचना के बाद विधायक देवेन्द्र यादव मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बीएसपी प्रबंधन सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी भूल गया है।

हादसे के बाद बीएसपी प्रबंधन पर आरोप लगने शुरू हो गए। यूनियन नेताओं ने बीएसपी प्रबंधन को इसका जिम्मेदार ठहराया। इंटक महासचिव वंश बहादुर सिंह ने बताया कि उक्त दोनों टंकियों की स्थिति की जानकारी प्रबंधन को दी गई लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। मेंटेनेंस पर ध्यान दिया जाता तो यह हादसा नहीं होता। अब हजारों लोगों के घरों में पानी सप्लाई का संकट खड़ा हो गया है। यूनियन ने यह भी चिंता जताई है कि आज टंकी गिरी है वैसे ही टाउनशिप के सैकड़ों बिल्डिंग भी जर्जर हालम में है जो कभी भी गिर सकते हैं।

विधायक देवेन्द्र ने कहा- सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी भूल गए अफसर
हादसे की जानकारी मिलने के बाद विधायक देवेन्द्र यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि टाउनशिप में जर्जर पानी की टंकियों की जानकारी प्रबंधन को दी गई लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बीएसपी के जिम्मेदार अधिकारी अपनी सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी भूल गए हैं। इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी एक भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिस समय हादसा हुआ तब वहां कोई नहीं था इस वजह से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि किसी की जान चली जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। वहीं पानी को लेकर विधायक ने कहा कहा कि निगम व जिला प्रशासन के सहयोग से पानी सप्लाई कराई जाएगी।
55 साल पुरानी टंकियां
टंकियों के ढहने के बाद लोगों में भारी आक्रोश दिखा है। लोगों का कहना है कि लगभग 55 साल पुरानी इन टंकियों की मरम्मत नहीं की गई जिसके कारण हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि बीएसपी टाउनशिप के सेक्टर 4 से लेकर सेक्टर-2, सेक्टर-6 आदि क्षेत्रों में कई जर्जर बिल्डिंग भी हैं जिनकी बिजली पानी का कनेक्शन काट दिया गया। इन बिल्डिंग में लोगों ने बेजा कब्जा कर रखा है। दो से तीन मंजिला यह इमारते कभी भी गिर सकती हैं। लोगों का कहना है कि मंगलवार को हुए हादसे के बाद बीएसपी प्रबंधन संज्ञान में ले और ऐसे भवनों को डिस्मेंटल कर हादसा होने से बचाए।




