रायपुर। सीएम भूपेश बघेल लगातार दूसरे दिन भी केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। बीजेपी से सवाल पूछते हुए कहा कि अदाणी को जो आयरन खदान दिया गया है, उसे निरस्त किया जाना चाहिए। रायगढ़ में कोयला खदान को निरस्त किया जाना चाहिए। क्योंकि एचएससीएल कोयला उत्पादन खनन करने वाली कंपनी है। एनएमडीसी लोह अयस्क उत्पादन करने वाली कंपनी है। दोनों एमओयू करके अदाणी को दिए गए हैं। इसे कैंसिल किया जाना चाहिए। दिल्ली में ईडी की गिरफ्तारी पर कहा कि यदि सही तरीके से जांच करें, तो यहां भी एक्सटार्सन में कई लोगों को अंदर किया जा किया जा सकता है। ईडी ऑफिसर्स की भी जांच होनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ में अच्छे व्यक्तियों को टिकट देने पर बीजेपी के जीतने के सवाल पर सीएम भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि पहले लिस्ट के प्रत्याशी कच्चे आदमी हैं। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार धान खरीदती तो वह घटता कैसे गया? इसका मतलब साफ है कि वह धान खरीदना नहीं चाहती। केद्र से सवाल पूछते हुए कहा कि धान खरीदी 15 क्विंटल से 10 क्विंटल क्यों किया गया? जितने भी घाटा होते हैं, उसे राज्य सरकार उठाती है, चाहे भारतीय जनता की पार्टी की सरकार हो या कांग्रेस की।
केंद्र सरकार गुमराह कर रही
उन्होंने कहा कि लोन राज्य सरकार लेती है। केंद्र सरकार गुमराह करने की कोशिश कर रही है। महादेव एप पर हमने कार्रवाई की है। इसके बाद भी हमें बदनाम करने की कोशिश की गई। मैंने कल भी आंकड़े सहित बताया था। केंद्र सरकार ये बताए कि वो महादेव एप को कब बंद करेगी या नहीं कर रहे हैं तो उसकी हिस्सेदारी क्या है?
कार्रवाई के बाद भी बदनाम कर रहे
महादेव एप को लेकर सीएम ने बीते दिनों कहा था कि महादेव ऐप देश के बहुत से राज्यों में फैला हुआ है। भाजपा शासित कोई भी राज्य बताएं, जिसने महादेव ऐप के खिलाफ कार्रवाई की हो। इनका हैड ऑफिस दूसरे प्रदेशों में है। इसके बावजूद हमने कार्रवाई की और हमें ही बदनाम कर रहे हैं। जबकि छत्तीसगढ़ में इनका कोई ऑफिस नहीं है। जो खिलाने वाले हैं, वो जरूर यहां के हैं।
अब तक 72 मामले दर्ज, 449 आरोपी गिरफ्तार
20 मार्च 2022 को पहली एफआईआर दुर्ग में दर्ज हुई थीं। इसके बाद लगातार कार्रवाई थी। अब तक 72 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 449 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। 151 लैपटॉप, 885 मोबाइल जब्त हुए हैं। 41 लाख की नकदी, डेढ़ करोड़ की सामग्री और 16 करोड़ रुपए की राशि सीज की गई। हम लोग कार्रवाई कर रहे हैं, तो हम पर मिलीभगत की बात कर रहे हैं। केवल राज्य सरकार को बदनाम करना उद्देश्य है।




